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Health Explainer: थायरॉइड होने से पहले और बाद में, शरीर में होता कà¥à¤¯à¤¾ है?
थायरॉइड गले में पाई जाने वाली à¤à¤• तरह की गà¥à¤°à¤‚थि है. ये गà¥à¤°à¤‚थि तितली के आकार के होती है. और गले के सामने वाले हिसà¥à¤¸à¥‡, सà¥à¤µà¤°à¤¯à¤‚तà¥à¤° (vocal cord) के नीचे की ओर पायी जाती है. जो मेटाबॉलिजà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती है. इस बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ लोगों में यह गà¥à¤°à¤‚थि सामानà¥â€à¤¯ तरीके से काम नहीं करती. इसमें थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बनना कम या जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाता है.
थायरॉइड गà¥à¤°à¤‚थि में छोटी-छोटी थैली जैसे टà¥à¤•ड़े होते हैं. जिनमें गाढ़ा दà¥à¤°à¤µ होता है. इस दà¥à¤°à¤µ में थायरॉइड के हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पाठजाते हैं. इन हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में आयोडीन की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है. थायरॉइड गà¥à¤°à¤‚थि à¤à¤‚डोकà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का हिसà¥à¤¸à¤¾ है. जो कई अंगों और ऊतकों से मिलकर बनी है. ये ऊतक हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ यानी रासायनिक पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को पैदा करते हैं, जमा करते हैं और खून में à¤à¥‡à¤œà¤¤à¥‡ हैं.
थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ कैसे काम करते हैं?
थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पेट में पाचक रस के बनने की गति को बढ़ाते हैं. थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨, ऊतकों के बढ़ने में मदद करते हैं. शरीर के तापमान को बनाठरखने के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ पैदा करते हैं. वे खून से खराब कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² की अधिक मातà¥à¤°à¤¾ को निकालने में लीवर की मदद करते हैं. खराब कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² पितà¥à¤¤ से मिलकर मल-मूतà¥à¤° के रूप में बाहर निकलता है.
थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के कम और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने से कà¥à¤¯à¤¾ होता है.
-थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की कमी से शरीर में खराब कोलेसà¥à¤Ÿà¤°à¤¾à¤² बढ़ता है. जिससे अचà¥à¤›à¤¾ कोलेसà¥à¤Ÿà¤°à¤¾à¤² घटता है.
-थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ अधिक होने से दसà¥à¤¤ और कम होने से कबà¥à¤œà¤¼ हो सकता है. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ मेटाबोलिज़म को नियंतà¥à¤°à¤£ में रखता है.
थायरॉइड होने पर शरीर में कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं?
-दिनà¤à¤° थकान होती है.
-रातà¤à¤° नींद लेने के बाद à¤à¥€ सà¥à¤¬à¤¹ थका हà¥à¤† महसूस करते हैं.
-डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¥€ हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स के कम सà¥à¤¤à¤° का संकेत हो सकता है. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के सेरोटोनिन ततà¥à¤µ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है. सेरोटोनिन à¤à¤• बायोकेमिकल है, जोअचà¥à¤›à¤¾ महसूस कराता है.
-बहà¥à¤¤ अधिक चिंतित रहना.
-अधिक à¤à¥‚ख लगती है, लेकिन वज़न बà¥à¤¨à¥‡ की बजाय कम होता है.
-थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स के कम होने पर सेकà¥à¤¸ में दिलचसà¥à¤ªà¥€ कम होने लगती है. लेकिन इसका सीधा संबंध थायरॉइड से न होकर थकान और ऊरà¥à¤œà¤¾ की कमी से होता है.
-कबà¥à¥› की शिकायत.
-महिलाओं में पीरियडà¥à¤¸ की अनियमितता.
-थायरॉइड की कमी से पीरियडà¥à¤¸ के बीच का अंतर बà¥à¤¤à¤¾ है.
-थायरॉइड की अधिकता से पीरियडà¥à¤¸ जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ होते हैं.
-हाथ-पैरों में दरà¥à¤¦ और सà¥à¤¨à¥à¤¨ रहना.
-हाई बà¥à¤²à¤¡à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की परेशानी.
-बहà¥à¤¤ ठंड या गरà¥à¤®à¥€ लगना.
-थायरॉइड में सूजन की वजह से आवाज़ में बदलाव आता है.
-सिर, आईबà¥à¤°à¥‹ व अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ के बालों में कमी होना.
-थायरॉइड की कमी से बैड कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² बà¥à¤¨à¥‡ से दिल की परेशानी à¤à¥€ होती है.
किन वजहों से होता है थायरॉइड
-आयोडीन शरीर के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी है. शरीर में 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ आयोडीन, थायरॉइड में पाया जाता है. खाने में आयोडीन की कमी होने से थायरॉइड गà¥à¤°à¤‚थि सूज जाती है जिसे घेंघा (गॉयटर) कहते हैं.
आयोडीन सà¤à¥€ के लिठबेहद ज़रूरी है. चाहे वो बड़ा हो या बचà¥à¤šà¤¾. जानें, छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कà¥à¤¯à¤¾ करता है आयोडीन.
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में आयोडीन की कमी से हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ धीमा पड़ जाता है. इससे उनके शारीरिक, मानसिक और जननांगों का ठीक से विकास नहीं हो पाता. इस बीमारी को कà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¥€à¤¨à¤¿à¤œà¤¼à¥à¤® कहते हैं.
-दवाइयों के साइड इफेकà¥à¤Ÿ से à¤à¥€ थायरॉइड हो जाता है.
-सोया पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कैपà¥à¤¸à¥‚ल, और पाउडर के रूप में सोया उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ को जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लेने से à¤à¥€ थायरॉइड हो जाता है.
-तà¥à¤µà¤šà¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठरेडिà¤à¤¶à¤¨ थेरेपी à¤à¥€ इसके होने की वजहों में से à¤à¤• है. रेडिà¤à¤¶à¤¨ थेरेपी की वजह से टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ या फिर थाइमस गà¥à¤°à¤‚थि में परेशानी हो सकती है, जिस वजह से थायरॉइड हो सकता है.
-मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨ से à¤à¥€ थायरॉइड होता है.
-तनाव का असर दिमाग के साथ-साथ थायरॉइड गà¥à¤°à¤‚थि पर à¤à¥€ पड़ता है, जिस वजह से हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ सà¥à¤°à¤¾à¤µ बढ़ने से थायरॉइड होता है
-यह बीमारी जेनेटिक à¤à¥€ है, यानी माता-पिता को थायरॉइड हो तो बचà¥à¤šà¥‹ को होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ रहती है.
थायरॉइड दो तरह का होता है.
1.हाइपर थायरॉइड- वजन कम होता है.
2.हाइपो थायरॉइड- वजन बढ़ता है.
हाइपर थायरॉइड- इसमें थायरॉइड गà¥à¤°à¤‚थि में अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बनता है. जिस वजह से शरीर, उरà¥à¤œà¤¾ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ करता है. हाइपर थायरॉइड वाले पेशेंट का वज़न घटता है.
हाइपर थायराइड के लकà¥à¤·à¤£
-कमजोरी महसूस होना.
-बाल बहà¥à¤¤ अधिक à¤à¥œà¤¨à¤¾.
-तà¥à¤µà¤šà¤¾ से समà¥à¤¬à¤‚धित रोग होना.
-अचानक से शरीर का कांपना.
-दिल की धडकन तेज होना.
-वजन तेजी से कम होना.
-पसीना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या बिलकà¥à¤² à¤à¥€ न आना.
-पीरियडà¥à¤¸ कम आना.
-नींद न आना.
हाइपर थायरॉइड मरीज कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚?
-बà¥à¤°à¥‹à¤•ली खाà¤à¤‚. इसमें गॉइटà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨à¥à¤¸ और आइसोथायोसाइनेटà¥à¤¸ ततà¥à¤µ होते हैं, जो थायरॉइड के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ पर अंकà¥à¤¶ लगाते हैं.
-सोया पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ लें. ये पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं. पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स को दूसरे बॉडी टिशà¥à¤¯à¥‚ज़ में टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपोरà¥à¤Ÿ कर देते हैं.
-नटà¥à¤¸, अंडे और फलियों को à¤à¥€ डायट में शामिल कर सकते हैं.
-ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¥à¤¸ लें. इससे हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स में संतà¥à¤²à¤¨ रहेगा. इसके लिठफà¥à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤¸ सीडà¥à¤¸, अखरोट और मछली ले सकते हैं.
-बेरीज़ लें. ये थायरॉइड गà¥à¤²à¤¾à¤‚डà¥à¤¸ को हेलà¥à¤¦à¥€ रखती हैं. बेरीज़ में बà¥à¤²à¥‚ बेरीज़, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€à¥›, बà¥à¤²à¥ˆà¤• बेरीज़ और चेरी à¤à¥€ शामिल है. .
आंवला ले. ये थायरॉइड को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करता है.
हाइपो थायरॉइड- हाइपो थायरॉइड पेशेंट की थायरॉइड गà¥à¤°à¤‚थि में हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स की मातà¥à¤°à¤¾ तेजी से कम होती है. इस दौरान मरीज की पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ कमजोर हो जाती है. वजन तेजी से बà¥à¤¤à¤¾ है.
हाइपो थायराइड के लकà¥à¤·à¤£-
वजन तेजी से बà¥à¤¨à¤¾.
हर वकà¥à¤¤ डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ में रहना.
चिड़चिड़ापन और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आना.
कबà¥à¤œ और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की शिकायत.
शरीर और चेहरे का फूलना.
तà¥à¤µà¤šà¤¾ में रà¥à¤–ापन.
अनियमित पीरियडà¥à¤¸ होना.
बिना कà¥à¤› काम किठथकान लगना महसूस होना.
हाइपो थायरॉइड मरीज कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚?
हाइपो थायराइ मरीज में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन-b की कमी हो जाती है. जिससे थकान रहती है. इसके लिठवे अदरक खाने में ज़रूर शामिल करें.
-साबà¥à¤¤ अनाज, जैसे-जà¥à¤µà¤¾à¤°, बाजरा लें. साबà¥à¤¤ अनाज में फाइबर, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और विटामिनà¥à¤¸ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में होता है.
-फल, सबà¥à¥›à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ लें. इनमें à¤à¤‚टीआकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट होते हैं. जो थायरॉइड को बà¥à¤¨à¥‡ नहीं देता.
-अदरक में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन-b कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ होता है.
-इसमें मौजूद à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ और à¤à¤‚टी-बायोटिन थायराइड गà¥à¤°à¤‚थि को ठीक से काम करने में मददगार है.
-इसमें मैगà¥à¤¨à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, जिंक, आयरन और पोटेशियम होता है, जो थायराइड गà¥à¤°à¤‚थि में हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स की मातà¥à¤°à¤¾ को कम होने से रोकता है.
अदरक का सेवन कैसे करें?
à¤à¤• छोटा चमà¥à¤®à¤š अदरक का जूस लें.
अदरक का काà¥à¤¾ बना कर लें. काढ़ा बनाने के लिठआधे गिलास पानी में दो टà¥à¤•ड़े अदरक, 4-5 पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾ तà¥à¤²à¤¸à¥€ और à¤à¤• tea सà¥à¤ªà¥‚न शहद डाल कर पका लें.
विटामिन-b के लिà¤-
फिश लें. फिश में ओमेगा-3 fatty à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और विटामिन-b-12 पाया जाता है.
दूध लें. दूध में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन और विटामिनà¥à¤¸ पाठजाते है.
दही लें, लेकिन बिना फà¥à¤²à¥‡à¤µà¤° वाला. ये à¤à¥€ विटामिन-b की कमी को पूरा करता है.
थायरॉइड का इलाज
थायरॉइड ठीक से काम कर रहा है या नहीं, ये पता लगाने के लिठखून में TSH और थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की जांच की जाती है. थायरॉइड को à¤à¤•à¥à¤¯à¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के ज़रिठà¤à¥€ ठीक किया जा सकता है. à¤à¤•à¥à¤¯à¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में पैराथायरॉइड और थायरॉइड के जो बिंदू होते हैं वे पैरों और हाथों के अंगूठे के नीचे और थोड़े उठे हà¥à¤ à¤à¤¾à¤— में मौजूद रहते हैं. इन बिंदà¥à¤“ं (पà¥à¤µà¥‰à¤‡à¤‚टà¥à¤¸) को बांई से दांई ओर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° देना यानी दबाना चाहिà¤. साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं.
हाइपो थायरॉइड का पता टी3, टी4 और टीà¤à¤¸à¤à¤š हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ की जांच से चलता है. à¤à¤¸à¥‡ मरीज कà¥à¤› दिनों तक दवा लेने के बाद पूरी तरह ठीक हो जाते हैं. कई बार लंबे वकà¥à¤¤ तक à¤à¥€ दवा लेनी पड़ती है और जीवनà¤à¤° à¤à¥€.
थायरॉइड दूर करने में योग à¤à¥€ है मददगार
थायरॉइड में जितना आराम दवा से मिलता है, उतना ही आराम पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤® से à¤à¥€ होता है. इसलिठकोशिश करें कि रोज आधे घंटे योग करें. इसके लिठकà¥à¤› योगासन बताठगठहैं. जिसमें धनà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨, मतà¥â€à¤¸à¥â€à¤¯à¤¾à¤¸à¤¨ और हलासन और पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® शामिल हैं.
मतà¥à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¸à¤¨ और हलासन- मतà¥â€à¤¸à¥â€à¤¯à¤¾à¤¸à¤¨ में पीठके बल सीधा जमीन पर लेट जाà¤à¤‚ और अपने पैरों को आपस में जोड़ लें. अब दोनों हाथों को गरà¥à¤¦à¤¨ की पास रखें और हथेलियों का सहारा लेते हà¥à¤ गरà¥à¤¦à¤¨ को उठाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें. अब दोनों हाथों को जांघ पर रखें. वापस आते समय दोनों हथेलियों के सहारे गरà¥à¤¦à¤¨ को दोबारा उसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वापस ले आà¤à¤‚. हलासन में पीठके बल लेट कर अपने पैरों को मिला लें. अब धीरे-धीरे दोनों पैरों को à¤à¤• साथ ऊपर उठाà¤à¤‚ और पैरों को 30, 60 और 90 डिगà¥à¤°à¥€ के कोण पर लाकर रोकें. अब दोनों हाथों पर जोर देकर पैरों को सिर की ओर थोड़ा सा à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚. जब पैर जमीन को सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करने लगे, तो दोनों हथेलियों को कà¥à¤°à¥‰à¤¸ करके बांधे और सिर पर रखें.
धनà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨- सबसे पहले मैट बिछाकर पेट के बल लेट जाà¤à¤‚, शà¥à¤µà¤¾à¤¸ को छोड़ते हà¥à¤ दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को à¤à¤• साथ मोड़ें, à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पीठकी ओर बढ़ाà¤à¤‚ और अपनी बांहों को पीछे की ओर ताने फिर बाà¤à¤‚ हाथ से बाà¤à¤‚ टखने को à¤à¤µà¤‚ दायें हाथ से दायें टखने को पकड़ लें. अब शà¥à¤µà¤¾à¤¸ à¤à¤°à¤•र उसे रोके रखें, अब सांसों को पूरी तरह निकाल दें और जमीन से घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को उठाते हà¥à¤ दोनों पैर ऊपर की ओर खींचें और उसी समय जमीन पर से सीने को उठाà¤à¤‚. बांह और हाथ à¤à¥à¤•े हà¥à¤ धनà¥à¤· के समान शरीर को तानने में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤‚चा के समान कारà¥à¤¯ करते हैं.
अब अपने सिर को ऊपर की ओर उठाà¤à¤‚ और पीछे की ओर ले जाà¤à¤‚ . अब घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ और टखनों को सटा लें. इस दौरान शà¥à¤µà¤¾à¤¸ की गति तेज होगी, लेकिन इसकी चिंता न करते हà¥à¤ 15 सेकंड से 1 मिनट तक रà¥à¤•ें और आगे- पीछे, दाà¤à¤‚ -बाà¤à¤‚ शरीर को हिला डà¥à¤²à¤¾ सकते हैं. अब शà¥à¤µà¤¾à¤¸ छोड़ते हà¥à¤ धीरे-धीरे टखनों को à¤à¥€ छोड़ दें और दोनों पैरों को सीधी कर लें.
यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि पहले घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को जमीन पर रखें फिर तà¥à¤¡à¥à¤¡à¥€ को जमीन सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ कराà¤à¤‚ और इसके बाद पैरों को छोड़ते हà¥à¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जमीन तक धीरे धीरे आने दें. अपने कपोल को जमीन पर रखकर विशà¥à¤°à¤¾à¤® करें. यह अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ 5 सेकेंड से शà¥à¤°à¥ करें और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ समय को तब तक बढ़ाते रहें जब तक बिना किसी दबाव के 15 से 30 सेकेंड तक न हो जाये.
पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®- सबसे पहले आराम की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में जमीन पर पीठके बल लेट जाà¤à¤‚. फिर हथेलियों को पेट पर हलà¥à¤•े से रखें. दोनों हाथों की मधà¥à¤¯à¤®à¤¾ अंगà¥à¤²à¥€ नाà¤à¤¿ पर à¤à¤• दूसरे को सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करता रहे. फिर धीरे-धीरे शà¥à¤µà¤¾à¤¸ छोड़ते हà¥à¤ पेट को à¤à¥€ ढीला छोड़ दें. अब शà¥à¤µà¤¾à¤¸ खींचते हà¥à¤ पेट को फà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤.इस कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को 5 मिनट तक बार-बार दोहराà¤à¤‚. कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करते वकà¥à¤¤ शà¥à¤µà¤¾à¤¸ को पहले छाती में, फिर पसलियों में और फिर पेट में महसूस करना चाहिà¤. इस पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बहà¥à¤¤ ही आराम से करें. इस पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को करते समय
पेट की गति अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ संकà¥à¤šà¤¨, छाती और मांसपेशियों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤. जब आप शà¥à¤µà¤¾à¤¸ लेते हैं तो आपके दोनों कंघे ऊपर आते हैं और शà¥à¤µà¤¾à¤¸ छोड़ते हà¥à¤ नीचे की ओर जाते हैं तो कंधों में à¤à¥€ शà¥à¤µà¤¸à¤¨ की लय को महसूस करें.
डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• चेन à¤à¤¸à¤†à¤°à¤à¤² ने जून 2017 में à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ में कहा था कि 32 फीसदी à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ थायरॉइड की वजह से होने वाली बीमारियों के शिकार हैं.
थायरॉइड मरीज à¤à¤¸à¤¾ रखें डेली रूटीन
1. सà¥à¤¬à¤¹ जलà¥â€à¤¦à¥€ उठें और सà¥à¤¬à¤¹ की दवा खाने के दस मिनट बाद 2 गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी पिà¤à¤‚.
2. थायरॉइड के रोगी को अपनी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में योग या किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को जरूर शामिल करना चाहिà¤. आप सà¥à¤¬à¤¹-सà¥à¤¬à¤¹ दौड़ लगाने से लेकर योग करने और
जिम जाने तक कोई à¤à¥€ वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कर सकते हैं.
3. दवा खाने के बाद à¤à¤• घंटे तक चाय-कॉफी, नाशà¥â€à¤¤à¤¾ कà¥à¤› à¤à¥€ नहीं खाà¤à¤‚.
4. सà¥à¤¬à¤¹ नाशà¥â€à¤¤à¥‡ के साथ लौकी का जूस पिà¤à¤‚. या फिर घर में ही थोड़े से गेहूं उगाà¤à¤‚. रोज सà¥à¤¬à¤¹ उठकर गेहूं के जà¥à¤µà¤¾à¤°à¥‹à¤‚ का जूस à¤à¥€ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• रहता है. इसके अलावा बाज़ार
से अचà¥à¤›à¥‡ किसà¥à¤® का à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ जूस लाकर पी सकते हैं, जिसमें फाइबर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो.
5. अखरोट और बादाम में सेलेनियम नाम का à¤à¤• ततà¥â€à¤µ मिलता है, जो थॉयराइड के इलाज में फायदेमंद है. अखरोट और बादाम खाने से थायरॉइड के कारण गले में होने वाली सूजन कम हो जाती है. यह हाइपोथाइराइड में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद होता है. इसलिठरात में अखरोट और बादाम को à¤à¤¿à¤—ो लें और सà¥à¤¬à¤¹ नाशà¥â€à¤¤à¥‡ में खूब चबा-चबाकर इसे खाà¤à¤‚.
6. रोज दूध में थोड़ी सी हलà¥à¤¦à¥€ मिलाकर गरà¥à¤® करें. इससे थायरॉइड को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद मिलेगी. अगर दूध में हलà¥à¤¦à¥€ मिलाकर पीना पसंद नहीं है तो आप हलà¥à¤¦à¥€ को à¤à¥‚नकर, पानी में गरà¥à¤® करके या किसी और तरीके से उसका सेवन कर सकते हैं.
7. à¤à¥‹à¤œà¤¨ समय पर करें. बिलकà¥à¤² à¤à¥‚खे न रहें. थायरॉइड के रोगी को यह सलाह दी जाती है कि वह समय पर à¤à¥‹à¤œà¤¨ कर ले. à¤à¥‚खे पेट रहने पर थायरॉइड गà¥à¤°à¤‚थि पर नकारातà¥â€à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है.
8. थायरॉइड हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में काली मिरà¥à¤š मददगार है.
9. अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में वसा और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ की मातà¥à¤°à¤¾ बिलकà¥à¤² कम कर दें और विटामिन ठकी मातà¥à¤°à¤¾ बà¥à¤¾ दें. खाने-पीने में हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और मिनरलà¥à¤¸ वाली चीज़ें जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लें. गाजर, अंडे और पीले रंग की सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाà¤à¤‚, जिनमें विटामिन ठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है.
10. पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में शामिल करें. दही और सेब का सिरका जैसी चीज़ें खाà¤à¤‚, जो शरीर में अचà¥à¤›à¥‡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में करते हैं.
11. अपने शरीर में आयोडीन का लेवल चेक करते रहें कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मेटाबॉलिजà¥à¤® के सही तरीके से काम करने के लिठआयोडीन बहà¥à¤¤ जरूरी होता है. शरीर में आयोडीन की कमी न होने दें. समय-समय पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¥€ चेकअप करवाà¤à¤‚.
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